Saturday, 31 May 2014

Dr.B.K.Kashyap (Sexologist): स्त्री-पुरुष के विपरीत स्वभाव पर दिलचस्प जानकारिया...

Dr.B.K.Kashyap (Sexologist): स्त्री-पुरुष के विपरीत स्वभाव पर दिलचस्प जानकारिया...: पुरुष और महिलाएं भले ही हमराही हो गए हों, लेकिन दोनों का मूल स्वभाव आज भी अलग-अलग है। हर काम करने का दोनों का अंदाज़ एक-दूसरे से बिल्कुल ज...

Wednesday, 7 May 2014

kis samay ek lady pregnent ho sakti hai period ke pahle ya period ke bad ek ek sahi jankari dijiye ki period se pregnent ka kya sambandh hai aur kis samay sex karne se pregnency hoti hai period ke pahle ya bad me.............. 


Hello, For conception, try having intercourse every month around your ovulation days as it is the best time for conceiving. Ovulation is the release of a single, mature egg from a follicle that developed in the ovary. It usually occurs regularly, around day 14 of a 28-day menstrual cycle. The best timing of intercourse in order to conceive is day 10, 12, 14 and 16 (in case of late ovulation) of a 28 day cycle. After intercourse, do not wash immediately and keep on lying for some time. You can also keep a pillow under your buttocks. I hope it helps. Take care and regards.

Monday, 5 May 2014

महिलाओं के पसंदीदा टॉप 5 बेहतरीन सेक्‍स पोजिशन

5/5/2014 ये सेक्‍स पोजिशन महिलाओं को करते हैं सबसे ज्‍यादा आनंदित: पुरूष महिला के उपर: पहली क्रिया जिसमें संभोग के दौरान पुरुष महिला के ऊपर होता है। यह सबसे पुरानी क्रिया है, जिसे महिलाएं सबसे ज्‍यादा पसंद करती हैं। इस क्रिया में महिलाओं को प्रेम और सेक्‍स दोनों का बराबर से अनुभव होता है। इस दौरान पुरूषों को अपने वजन का खास ध्‍यान रखना चाहिऐ और दबाव को सही और ठीक प्रकार से ही बनान चाहिए। पुरूष के जांघ पर महिला: सेक्स की इस बेहतरीन क्रिया में पुरुष की जांघों पर उसकी पार्टनर बैठ जाती है। इस क्रिया में बैठकर संभोग किया जाता है। इसमें सीधे दिल से दिल का संपर्क होता है। यदि इस क्रिया के साथ चुंबन भी लिया जाए तो प्‍यार का अहसास कई गुना बढ़ जाता है। महिला पुरूष के उपर: इस पोजिशन में जिसमें महिला अपने पार्टनर के ऊपर बैठ जाती है। आम तौर पर महिलाओं को हावी होना पसंद होता है और इस पोजीशन में उसी बात का अहसास ज्‍यादा होता है। इस पोजीशन में महिलाएं बहुत जल्‍द चरम सीमा यानी रति निष्‍पत्ति की अवस्‍था में पहुंच जाती हैं। इस दौरान पुरूष को महिला का पुरा सहयोग करना चाहिए, और नीचे से उपर की तरफ दबाव भी बनाना चाहिए। पोजिशन 66: यह पेाजिशन बेहद ही कारगर और रोमांचक माना जाता है। जैसा कि हम आपको पूर्व में बता चुके हैं कि, महिलाओं को अलग-अलग तरह से सेक्‍स करना पसंद होता है। पोजीशन '66′ प्‍यार और सेक्‍स का अलग अहसास कराता है। इसमें महिला अपने पुरुष पार्टनर के ऊपर पीठ करके बैठ जाती है। इस पोजीशन में अगर पुरुष अपनी पार्टनर की छाती पर मसाज करे तो ज्‍यादा सहायक सिद्ध हो सकता है। स्‍पून फिटिंग पोजीशन: महिलाओं को स्‍पून फिटिंग पोजीशन भी काफी पसंद होती है। इस पोजीशन में जिस प्रकार दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं, उसी प्रकार महिला, पुरुष एक दूसरे के आलिंगन में खो जाते हैं। पुरुष पीछे की तरफ रहता है और महिलो को आनंद के चरमोत्‍कर्ष पर पहुंचाता है।

Friday, 2 May 2014

आदतें नहीं बदलेंगे तो रिश्तों से हाथ धो बैठेंगे--------------

तुम अपनी आदतों में कब बदलाव लाने वाले हो..., कब से मैं तुम्हें एक ही बात बार-बार समझा रही हूं, पर तुम हो कि तुम्हें समझ ही नहीं आती...। बाहर का कोई तुम्हें क्यों बताएगा..., अरे... मैं तुम्हारा भला चाहती हूं तभी तो ऐसी बातें करती हूं..., ताकि तुम परफैक्ट बन सको और लोग तुम्हारी तारीफ कर सकें।

इस प्रकार की बातें अक्सर लोग अपने नजदीकी से कहते-सुने जा सकते हैं..., परंतु दूसरे के न मानने से उनकी आवाज की खीझ और सामने वाले की झुंझलाहट भरी आवाज अक्सर सुनी और महसूस की जा सकती है।

रूपा और रिचा ननद-भाभी हैं, उनकी उम्र में भी कोई विशेष अंतर न होने के कारण दोनों में सहेलियों जैसा प्यार है, परंतु अपनी कुछ आदतों के अंतर के कारण इनका आपसी प्यार अक्सर बहस में बदल जाता है। भाभी रूपा को जहां अपनी फिटनैस का बेहद ख्याल रहता है और सुबह जल्दी उठ कर वह जॉगिंग करने चली जाती हैं तथा अपनी डाइट का भी विशेष ख्याल रखती हैं। वहीं रिचा को जॉगिंग और सुबह जल्दी उठने के नाम से ही चिढ़ है और खाने-पीने में भी उसे कोई परहेज या रोक-टोक बिल्कुल पसंद नहीं है।

रिचा का मानना है कि डाइट कांशियस होने की अपेक्षा करियर कांशियस होना जरूरी है, क्योंकि करियर को ऊंचाई पर ले जाने से बेहतर कुछ नहीं। वह अपनी भाभी को भी करियर की तरफ ध्यान देने को हर समय कहती है। दोनों की यह निजी सोच कई बार बहस से तकरार और फिर बड़े विवाद में बदल जाती है। दोनों ही समय-समय पर एक-दूसरे को कमियों का एहसास दिलाते हुए बदलने पर जोर देती नजर आती है।

मकसद नेक
भले ही सामने वाले को बदलने के पीछे आपका मकसद नेक हो, परंतु उसे बार-बार कहने से मकसद कहीं फीका पडऩे लगता है। हालांकि फिटनैस और करियर दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं, परंतु दोनों को लगता है कि सामने वाला जान-बूझ कर उसे बदलने का प्रयास कर रहा है। कब ये छोटी बातें बड़ी बनती चली जाएं और आपसी प्यार की जगह अहं और गलतफहमी ले ले, कोई नहीं जानता।

हर परिवार की कहानी
यह प्रॉब्लम सिर्फ रूपा और रिचा की ही नहीं, बल्कि हर परिवार और रिश्ते में देखने को मिल जाएगी। पिता-पुत्र, सास-बहू, ननद-भाभी, दो दोस्तों और पति-पत्नी का रिश्ता भी इससे अछूता नहीं है। आपसी प्यार और देखभाल की भावना में उलझा हर एक शख्स अपने करीबी लोगों का भला चाहता है और यही भला चाहने की इच्छा कब अति रोक-टोक और आपसी तनाव का कारण बन जाती है, पता ही नहीं चलता।

टूटे न रिश्ता
यदि आप भी अपने किसी करीबी के साथ इसी तरह का व्यवहार कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें, ताकि आपकी छोटी-छोटी गलतियां भविष्य में रिश्ता टूटने का कारण न बन जाएं। कहते हैं कि कोई भी रिश्ता या इंसान परफैक्ट नहीं होता, उसे आपसी समझ और प्यार से निभाना होता है, इसलिए किसी भी रिलेशन में पहले आपसी प्यार, समझदारी और सामंजस्य को महत्व दें, उसके बाद अन्य बातों बारे सोचें।

न दिखाएं एक्स्ट्रा केयर
यदि अपने करीबी की कोई बात या आदत आप को पसंद नहीं, तो अपना ज्ञान या एक्स्ट्रा केयर दिखा कर उसे लगातार शिक्षा ही न देते रहें। ऐसा करने से आप उसे अपने से दूर तो करेंगे ही, साथ ही रिश्तों में गलतफहमियां भी पैदा होंगी। बेहतर होगा कि उचित मौके पर पूरे संयम से अपनी बात उसके सामने रखें और निर्णय लेने का हक उसी पर छोड़ दें। यदि उसे आपकी बात पसंद आएगी तो वह स्वयं ही उस पर विचार करेगा। तब उसे पूरा समय दें, क्योंकि कोई भी आदत बदलने में समय तो लगता ही है, आपकी जल्दबाजी उसे जबरदस्ती लग सकती है।

यदि आप दूसरों को बुरी आदतों को बदलने की सलाह देने की चाहत रखते हैं, तो हो सकता है कि सामने वाला भी पलट कर उसका जिक्र छेड़ दे, तब आप लकीर के फकीर बन कर अपनी बुरी आदत को गुणों के रूप में न बताएं, इससे रिश्तों पर खतरनाक असर पड़ता है।

छोटी बातों को टालें
छोटी-छोटी बातों को टालने की आदत बनाएं। तौलिया अपनी जगह पर क्यों नहीं रखा, जूते पॉलिश खुद क्यों नहीं करते, खाने के बर्तन टेबल पर क्यों छोड़ दिए या तुम्हारी फाइलें इधर-उधर क्यों बिखरी रहती हैं..., जैसी बातों पर हर रोज की गई तकरार सामने वाले के आपसी तनाव एवं गुस्से की वजह बन जाती है, इसलिए छोटी-मोटी बातों को हर वक्त बहस का विषय न बनाएं।

लें किसी की मदद
यदि आपका कोई करीबी जुए, धूम्रपान या नशे जैसी किसी बुरी आदत का आदी हो गया है और आपकी सीख आपके नाजुक रिश्ते में कड़वाहट ला सकती है, तो फिर आप किसी डाक्टर दोस्त या अन्य नजदीकी रिश्तेदार की इस काम में मदद लें, ताकि आपका काम भी हो जाए और रिश्तों की मिठास भी बनी रहे।

महकती रहे जीवन की बगिया
अपनों के निजी जीवन में व्यर्थ का हस्तक्षेप करने की आदत को छोड़ कर तथा प्यार और संयम से उन्हें बदलने के लिए छोटी-छोटी, परंतु महत्वपूर्ण बातों का यदि ध्यान रखा जाए तो रिश्तों के खूबसूरत फूलों से जीवन की बगिया हमेशा महकती रहेगी। दूसरों को भी एहसास होगा कि आप उन पर अपना निर्णय थोपना नहीं चाहते।

सम्बन्ध बनाने के दौरान दर्द क्यूँ होता है

         सम्बन्ध बनाने के दौरान दर्द क्यूँ होता है  अगर प्यार करने के दौरान आपको दर्द का एहसास होता है तो सबसे महत्वपूर्ण यह नोट करना...